परद शिवलिंगम

परद एक विशिष्ट तरल रूपी धातु है | जिस प्रकार मनुष्य के सोलह संस्कार होते है उसी प्रकार परद के भी सोलह संस्कार होते है अतः परद को भी कई संस्कार के द्वारा गोपनीय तरीके से बनाया जाता है कई लोगो में मान्यता है की शिवलिंग को घर में स्थापित न करना चाहिए परन्तु शिवलिंग को घर में स्थापित करने में कोई हानि न होती है | 
वैदिक रीतियों में, पूजन विधि में, समस्त मनोकामनाओं की पूर्ति में पारद से बने शिवलिंग एवं अन्य आकृतियों का विशेष महत्त्व होता है। पारद जिसे अंग्रेजी में एलम (Alum) भी कहते हैं , एक तरल पदार्थ होता है और इसे ठोस रूप में लाने के लिए विभिन्न अन्य धातुओं जैसे कि स्वर्ण, रजत, ताम्र सहित विभिन्न जड़ी-बूटियों का प्रयोग किया जाता है। इसे बहुत उच्च तापमान पर पिघला कर ताम्र के साथ मिला कर, फिर उन्हें पिघला कर आकार दिया जाता है।
पारद को भगवान् शिव का स्वरूप माना गया है और ब्रह्माण्ड को जन्म देने वाले उनके वीर्य का प्रतीक भी इसे माना जाता है। धातुओं में अगर पारद को शिव का स्वरूप माना गया है तो ताम्र को माँ पार्वती का स्वरूप। इन दोनों के समन्वय से शिव और शक्ति का सशक्त रूप उभर कर सामने आ जाता है। ठोस पारद के साथ ताम्र को जब उच्च तापमान पर गर्म करते हैं तो ताम्र का रंग स्वर्णमय हो जाता है। इसीलिए ऐसे शिवलिंग को "सुवर्ण रसलिंग" भी कहते हैं। पारद के इस लिंग की महिमा का वर्णन कई प्राचीन ग्रंथों में भी किया गया है | 
 इसके दर्शन मात्र से समस्त परेशानियों का अंत हो जाता है। ऐसे शिवलिंग को समस्त शिवलिंगों में सर्वोच्च स्थान मिला हुआ है और इसका यथाविधि पूजन करने से मानसिक, शारीरिक, तामसिक या अन्य कई विकृतियां स्वतः ही समाप्त हो जाती हैं। घर में सुख और समृद्धि बनी रहती है।
ऐसी मान्यता है की करोडो शिवलिंग की पूजा करने से जो फल प्राप्त होता है उससे अधिक परद शिवलिंग के दर्शन मात्र से और उस पर अभिषेक करने से फल प्राप्त हो जाता है | 
पारद एक ऐसा शुद्ध पदार्थ माना गया है जो भगवान भोलेनाथ को अत्यंत प्रिय है। इसकी महिमा केवल शिवलिंग से ही नहीं बल्कि पारद के कई और अचूक प्रयोगों के द्वारा भी मानी गयी है।
धातुओं में सर्वोत्तम पारा अपनी चमत्कारिक और हीलिंग प्रॉपर्टीज के लिए वैज्ञानिक तौर पर भी मशहूर है। पारद के शिवलिंग को शिव का स्वयंभू प्रतीक भी माना गया है। 

पारद के कुछ अचूक उपायों का विवरण निम्नलिखित है, जिन्हें आप स्वयं प्रयोग कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति कर सकते हैं:-
1 -पारे के शिवलिंग के पूजन की महिमा तो ऐसी है कि उसे बाणलिंग से भी उत्तम माना गया है। जीवन की समस्त समस्याओं के निदान के लिए पारद के उपयोग एवं इससे सम्बंधित उपाय अत्यंत प्रभावशाली हैं। यदि इनका आप यथाविधि अभिषेक कर, पूर्ण श्रद्धा से पूजन करेंगे तो जीवन में सुख और शान्ति अवश्य पाएंगे।
2 -परद शिवलिंगम को घर में स्थापित करने से आपको शिव और शक्ति का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है एवं आपके वैवाहिक जीवन में आ रही बढ़ाओ का निराकरण स्वतः ही हो जाता है 
3 -परद शिवलिंगम की नियमित पूजा अर्चना से आपके विवाह में आ रही बाधा का निराकरण हो जाता है
4 -अगर आप अध्यात्म पथ पर आगे बढ़ना चाहते हों, योग और ध्यान में आपका मन लगता हो और मोक्ष के प्राप्ति की इच्छा हो तो आपको पारे से बने शिवलिंग की उपासना करनी चाहिए। ऐसा करने से आपको मोक्ष की प्राप्ति भी हो जाती है।
 5 -परद शिवलिंगम पर नियमित रूप से दुग्धाभिषेक करने से कालषर्प दोष से मुक्ति मिलती है और आपके कार्य के परिपूर्णता में आ रही बाधा  दूर होती है 
हमारे द्वारा दिए गए शिवलिंगम पूर्णरूप से  प्राणप्रतिष्ठित एवं अभिमंत्रित करके दिए जाते है | 



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